हरियाणा

रोडवेज हड़ताल / रोडवेज यूनियन के समर्थन में आए संगठनों पर लाठीचार्ज, कर्मचारी नेता कार्रवाई से भूमिगत

राजधानी हरियाणा. सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा व अन्य संगठनों ने रोडवेज कर्मचारियों के समर्थन में आयोजित दो दिवसीय हड़ताल को समाप्त कर दिया है लेकिन आंदोलन जारी रखने की घोषणा कर दी गई है। जल्द ही कर्मचारी संगठन मीटिंग कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे।

संगठनों ने दावा किया है कि बुधवार को भी करीब ढाई लाख कर्मचारी हड़ताल पर रहे। जिससे सरकारी महकमो में कामकाज प्रभावित रहा।  इधर, रोडवेज कर्मचारियों की ओर से पहले से ही 2 नवंबर तक हड़ताल घोषित है। आखिरी दिन कर्मचारी यूनियनों की ओर से हड़ताल को आगे बढ़ाने की घोषणा की जा सकती है। फिलहाल कर्मचारी नेता भूमिगत हैं।

सभी ने अपने मोबाइल भी बंद किए हुए हैं। सरकार कर्मचारियों से निजी बसों की किलोमीटर स्कीम को छोड़कर अन्य मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है। इधर, हरियाणा रोडवेज वर्कर यूनियन के प्रदेश सचिव श्रवण कुमार जांगड़ा का कहना है कि कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े हैं।

कर्मचारी नेता धर्मबीर फोगाट, सुभाष लांबा, बीरेंद्र सिंह डंगवाल, शिव कुमार पाराशर, नरेश कुमार शास्त्री, विजय जौली, सीएन भारती, जगरोशन ने दो दिवसीय हड़ताल की सफलता का दावा कहा कि अब कर्मचारी रोडवेज का निजीकरण सहन नहीं करेंगे और निर्णायक आंदोलन लड़ने को तैयार हैं। कर्मचारी नेताओं ने मुख्यमंत्री से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और किलोमीटर स्कीम के तहत रोडवेज के बेड़े में निजी बसों को शामिल करने के निर्णय को रद्द कर हड़ताल को समाप्त करवाने की मांग की।
भिवानी में पुलिस ने कर्मचारियों पर किया लाठी चार्ज :

रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में विभिन्न विभागों के हड़ताली कर्मचारियों के बुधवार को बस स्टैंड के गेट के सामने प्रदर्शन व धरना देने पर पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठी चार्ज किया। इस दौरान तीन कर्मचारी नेताओं समेत लगभग दो दर्जन कर्मचारियों को चोटें आई। पुलिस ने मौके से महिलाओं समेत 20 कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया।

राज्यपाल से मिले हुड्डा समेत कांग्रेसी विधायक

देश में चल रही रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कांग्रेसी विधायकों के साथ राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उनसे इस मामले में हस्तक्षेप कर हड़ताल समाप्त करने की अपील की गई। पत्रकारों से बातचीत करते हुए पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि सरकार की जिद के कारण दूसरे विभागों के 2 लाख कर्मचारी भी हड़ताल कर रहे हैं।

इधर, गोहाना में परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि सरकार की पॉलिसी के विरोध में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों के लिए बातचीत के लिए रास्ता खुला हुआ है। कर्मचारियों को परमिट देने की प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का कोई संदेह है तो सरकार विजिलेंस या फिर सेवानिवृत्त जज से जांच कराने के लिए तैयार है।

सरकार कर्मियों से वार्ता के लिए तैयार : 

सरकार कर्मचारियों से वार्ता के लिए तैयार है। वे कभी आ सकते हैं लेकिन निजी बसों की किलोमीटर स्कीम को छोड़कर बाकी मुद्दों पर ही बातचीत होगी। उनकी जो जायज मांग है, वह वे रख सकते हैं। –धनपत सिंह, एसीएस, परिवहन विभाग