क्रिकेट दुनिया

वो 5 फिक्सिंग कांड, जिन्होंने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया

क्रिकेट में फिक्सिंग और सट्टेबाजी का ‘जिन्न’ एक बार फिर से बाहर आ गया है. अलजजीरा के स्टिंग के बाद अब आईपीएल में सट्टेबाजी को लेकर सलमान खान के भाई अरबाज का नाम सामने आ रहा है. इन दोनों मामलों के सामने आने के बाद खिलाड़ियों और कई बड़ी नामी हस्तियों के नाम शामिल होने का शक जताया जा रहा है. अलजजीरा के स्टिंग में कई बड़े मैच और खिलाड़ियों के नाम सामने आए हैं. मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी का यह मामला को कोई नया नहीं है. भारत और विदेशों में मैच फिक्सिंग के कई बड़े खुलासे हुए हैं, जिसमें कई बड़े क्रिकेटर भी शामिल रहे हैं. आईपीएल में पहलेभी फिक्सिंग एक बड़ा मुद्दा बना रहा है. हालांकि, आईसीसी मैच फिक्सिंग को लेकर सख्त हुई है लेकिन इसके बावजूद क्रिकेटर कानूनों का उल्लंघन करते नजर आए. सट्टेबाजी ने स्पॉट फिक्सिंग जैसी चीजों को बढ़ावा दिया. टेलीफोन पर हुई बातचीत और वीडियो रिकार्डिंग में क्रिकेटरों के बुकी से रिश्तों की कई कहानियां सामने आ चुकी हैं. मैच फिक्सिंग के पांच ऐसे कांड, जिन्होंने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया.

हैंसी क्रोनिए गेटः क्रिकेट इतिहास का यह सबसे बड़ा स्कैंडल भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच हुई 2000 में सामने आया था. भारतीय पुलिस ने खुलासा किया कि दोनों टीमों के पांच खिलाड़ी मैच फिक्स करने के लिए बुकियों के संपर्क में थे. टीम इंडिया के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोनिए प्रमुख थे. शुरू में क्रोनिए ने इन आरोपों से इंकार किया, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि अजहर ने उन्हें बुकी से मिलवाया था. बाद में अजहर और अजय जडेजा पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया. इस फिक्सिंग की लपेट में हर्शल गिब्स, निकी बोए समेत दक्षिण अफ्रीका के कई खिलाड़ी आए थे, लेकिन आजीवन प्रतिबंध सिर्फ क्रोनिए पर ही लगा. विलियम्स और हर्शल गिब्स पर छह माह का प्रतिबंध लगा. 2002 में क्रोनिए की एक प्लेन दुर्घटना में मौत हो गई थी.

शेन वार्न-मार्क वॉ: ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी शेन वॉर्न और मार्क वॉ पर यह आरोप लगा था कि सिंगर कप, श्रीलंका, 1994 में बुकियों को पिच की जानकारी देने के लिए बुकियों ने उन्हें पैसे दिए थे. 1995 में यह दावा किया गया था कि पाकिस्तानी बल्लेबाज सलीम मलिक ने खराब खेलने के लिए दो लाख डॉलर आफर किए थे, लेकिन इन घटनाओं को दबा दिया गया. शेन वार्न और मार्क वॉ पर 8000 डॉलर का जुर्माना हुआ, लेकिन दुनिया को यह समझ में आ गया था कि क्रिकेट में मैच फिक्सिंग तेजी से बढ़ रही है.

क्रिस केर्न्स की कलंक कथाः इंडियन क्रिकेट लीग में चंडीगढ़ लॉयन्स की तरफ से खेलते हुए न्यूजीलैंड के ऑल राउंडर क्रिस केर्न्स को आईसीसी की जांच में फिक्सिंग का दोषी पाया गया था. न्यूजीलैंड के पूर्व ओपनर लुई विंसेंट ने केर्न्स पर मैच फिक्सिंग के लिए उन्हें एक बुकी से मिलवाने की बात कही. ब्रैंडन मैकुलम ने भी एंटी करेप्शन और सिक्योरिटी यूनिट से केर्न्स के मैच फिक्सिंग में शामिल होने की बात कही. लेकिन केर्न्स हमेशा इन आरोपों का खंडन करते रहे. केर्न्स ने ललित मोदी पर मुकदमा भी किया.

इंग्लैंड में स्पॉट फिक्सिंगः 2010 में पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे पर सबसे बड़ा मैच फिक्सिंग कांड सामने आया था. इस कांड में मोहम्मद आमिर, मोहम्मद आसिफ और कप्तान सलमान बट्ट स्पॉट फिक्सिंग में शामिल पाए गए थे. तीनों ने मजहर मजीन नाम के बुकी से कुछ विशेष काम करने के लिए पैसे लिए थे. एक स्टिंग ऑपरेशन में यह सामने आया कि माजिद ने आमिर और आसिफ को तय ओवरों में नो बॉल फेंकने के लिए कहा था. सलमान बट्ट भी इस वीडियो में थे. कई सुनवाइयों के बाद 2011 में आईसीसी ने तीनों खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगा दिया.

आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंगः 2013 में आईपीएल की टीम राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेटर्स श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंदौलिया को आईपीएल मैचों में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में गिरफ्तार किया गया. उनके साथ विंदू दारा सिंह और मयप्पन पर स्पॉट फिक्सिंग के लिए बुकियों से संपर्क के आरोप लगे. इसके बाद राजस्थान रॉयल्स को जांच तक निलंबित कर दिया गया. दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि श्रीसंत और चव्हाण ने स्पॉट फिक्सिंग में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है. इस कांड ने यह उजागर कर दिया कि आईपीएल में बड़े पैमाने पर मैच फिक्सिंग और स्पॉट फिक्सिंग चल रही है.