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अमित शाह ने उद्धव ठाकरे को किया फोन, जवाब मिला-टेंशन मत लीजिए…

नई दिल्ली: लोकसभा में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. ऐसे में सत्ता पक्ष और विपक्षी खेमा अपनी-अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुट गए हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कोशिश में जुटे हैं कि एनडीए के सारे घटक दल मोदी सरकार के पक्ष में वोटिंग करे. ऐसे में सबकी नजरें शिवसेना पर टिकी हैं. दरअसल, शिवसेना केंद्र और राज्य में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चला रही है, लेकिन आए दिन दोनों सरकारों पर हमले करती रहती है.

दोनों दलों के बीच टकराव के आलम इस हद तक हैं कि हाल ही में हुए उपचुनाव में दोनों दलों ने एक दूसरे के खिलाफ प्रत्याशी उतारे थे. हालांकि उपचुनाव में बीजेपी को जीत मिली थी.

शिवसेना ने जारी किय व्हिप
सूत्रों का कहना है कि अविश्वास प्रस्ताव के ऊहापोह के बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को गुरुवार को फोन किया. शाह ने उद्धव से कहा कि वे अविश्वास प्रस्ताव के दौरान सरकार का साथ दें. इसपर उद्धव ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी एनडीए का हिस्सा है और अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मोदी सरकार का ही साथ देगी.

ANI @ANI

Shiv Sena will vote against the . The party has issued a whip for its MPs, directing them to support the govt.

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक शिवसेना ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि शिवसेना के सांसद अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मोदी सरकार के पक्ष में वोट करें.

बीजेपी को 314 सांसदों के समर्थन की उम्मीद
बीजेपी ने उम्मीद जतायी है कि नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को होने वाले मत विभाजन में सरकार को 314 सांसदों का समर्थन मिलेगा. पार्टी नेताओं के आकलन के मुताबिक सरकार को एनडीए के घटक दलों के अलावा अंबुमणि रामदास की अगुवाई वाले पीएमके और राजू शेट्टी के नेतृत्व वाले स्वाभिमानी पक्ष से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है.

हालांकि शेट्टी और रामदास अब एनडीए में शामिल नहीं हैं , इसके बावजूद सरकार को उम्मीद है कि वे मत विभाजन के दौरान प्रस्ताव का विरोध करेंगे. पार्टी सूत्रों ने बताया कि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार को लोकसभा में 314 सदस्यों का समर्थन मिलेगा. निचले सदन में फिलहाल 535 सदस्य हैं. ऐसे में सरकार को 268 सांसदों के समर्थन की जरूरत है. इन 314 सांसदों की सूची में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का मत शामिल नहीं हैं. वह इंदौर से बीजेपी की सांसद हैं.

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि एनडीए एकजुट है और अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेगा. उन्होंने कहा , “ हमें एनडीए के बाहर के दलों से भी समर्थन मिलने की उम्मीद है. यह अजीब है कि बीजेपी के अकेले दम पर बहुमत हासिल करने और 21 राज्यों में सत्तासीन होने के बावजूद विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लाया है.”

कुमार ने कहा कि पार्टी ने अपने लोकसभा सदस्यों को अगले दो दिन के लिए व्हिप जारी किया है और उन्हें सदन में उपस्थित रहने को कहा है.

वर्तमान स्थिति में लोकसभा में एनडीए के सदस्यों की संख्या 313 है. इसमें लोकसभा अध्यक्ष को लेकर बीजेपी के 274, शिवसेना के 18, लोजपा के छह और शिअद के छह सदस्य हैं.

वहीं विपक्षी दलों की संख्या 222 बतायी जा रही है. इनमें कांग्रेस के 63, अन्नाद्रमुक के 37, तृणमूल कांग्रेस के 34, बीजद के 20, तेदेपा के 16 और टीआरएस के 11 सदस्य शामिल हैं.