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बांग्लादेश: पूर्व PM जिया को मिली जमानत, ‘आपत्तिजनक टिप्पणियों’ का है आरोप

ढाका: बांग्लादेश के हाईकोर्ट ने देश की आजादी के बाद के पहले राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शेख हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान तथा 1971 के मुक्ति संग्राम के बारे में ‘‘आपत्तिजनक टिप्पणियों’’ से जुड़े एक मानहानि मामले में जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को छह महीने के लिये जमानत दी. तीन बार प्रधानमंत्री रह चुकीं 72 साल की जिया को हालांकि जेल में ही रहना होगा क्योंकि उनके खिलाफ अन्य मामले लंबित हैं. ‘ढाका ट्रिब्यून’ ने खबर दी कि वर्ष 2015 में खालिदा के खिलाफ नराइल में एक मानहानि मामला उस समय दर्ज हुआ था जब उन्होंने बांग्लादेश के ‘इंस्टीट्यूशन आफ इंजीनियर्स’ में चर्चा के दौरान 1971 मुक्ति संग्राम के शहीदों की संख्या पर सवाल खड़े किये थे.

उन्होंने कहा, ‘‘इस बारे में विवाद हैं कि मुक्ति संग्राम में कितने लोग शहीद हुए. विवादों को लेकर कई पुस्तकें और दस्तावेज भी मौजूद हैं.’’ खबर में कहा गया कि न्यायमूर्ति मुहम्मद अब्दुल हाफिज और न्यायमूर्ति काशिफा हुसैन की पीठ ने आदेश पारित करके उनकी छह महीने की जमानत मंजूर की. इससे पहले पांच अगस्त को एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज की थी.

पूर्व PM खालिदा जिया को मिली अंतरिम जमानत, बस पर बम फेंकने का है आरोप
बांग्लादेश के उच्च न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी बीएनपी की अध्यक्ष खालिदा जिया को 2015 में एक बस पर पेट्रोल बम फेंके जाने के मामले में आज छह महीने की अंतरिम जमानत दे दी. स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी. कोमिल्ला के छोउड्डाग्राम उपज़िले में दो फरवरी 2015 को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान अज्ञात हमलावरों ने एक बस पर पेट्रोल बम फेंक था, जिसमें आठ लोगों की मौत हुई थी और 20 अन्य जख्मी हुए थे. बीडीन्यूज24.कॉम ने खबर दी है कि न्यायमूर्ति एकेएम असद-उज-जमां और एसएम मुजीब-उर-रहमान ने 72 वर्षीय नेता को आज जमानत दे दी.

कुमिल्ला विशेष अदालत में तीन बार की पूर्व प्रधानमंत्री की जमानत याचिका दायर की गयी थी जिनको इस मामले में विशेषाधिकार अधिनियम के तहत गिरफ्तार गया है. न्यायाधीश के एम शम्स उल आलम ने जिया को इस मामले में गिरफ्तार करने के पुलिस के कदम को सही ठहराया था लेकिन उनकी जमानत याचिका पर कोई निर्णय नहीं किया था और मामले पर सुनवाई के लिए आठ अगस्त की तारीख मुकर्रर की थी.

इसके बाद जिया के वकीलों ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय का रूख किया. खबर के मुताबिक, जिया के वकील एकेएम एहसान-उर-रहमान ने कहा कि इस घटना को लेकर दो अलग अलग मामले दर्ज हैं जिसमें एक हत्या और दूसरा विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है . 28 मुई को मामला खारिज करने के लिए एक याचिका दायर की गई थी जो अभी लंबित है. बीएनपी प्रमुख ‘जिया ऑर्फनेज ट्रस्ट’ भ्रष्टाचार के मामले में पांच साल की सजा काट रही हैं .  उन्हें आठ फरवरी को गिरफ्तार किया गया था.