राजस्थान

राजस्थान चुनावः अमित शाह ने रच दिया है चक्रव्यूह! क्या पूरा हो सकेगा कांग्रेस का सपना?

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राजस्थान में जीत दर्ज करने के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं. उन्होंने अपने सबसे बड़े हथियार को आजमाने की तैयारी कर ली है. जानकारों की मानें तो बीजेपी ने पीएम मोदी की करीब एक दर्जन रैली पूरे राजस्थान में करने की तैयारी कर ली है.

बीजेपी को इस बात का भरोसा है कि पीएम मोदी की रैली के बाद सारी चीजें बदल जाएंगी. पीएम मोदी की रैली के बाद विरोधी दलों की लहर भी शांत हो जाएगी. वहीं, राजस्थान में सीएम वसुंधरा राजे की विकास यात्रा पिछले कई महीनों से चलाई जा रही है. अब पीएम मोदी की रैली के साथ इसे और गति मिल जाएगी.

शुरुआत में पीएम मोदी अलवर में 23 नवंबर को रैली करेंगे. वहीं, 26 नवंबर को जयपुर और भीलवाड़ा जाएंगे. इसके अलावा 27 नवंबर को नागौर और कोटा में जन सभाएं होंगी तो वहीं 28 नवंबर को बैणेश्वर धाम-डुंगरपुर और दौसा में रैली की जाएगी. पीएम मोदी 4 दिसंबर को हनमानगढ़, जोधपुर और सीकर में चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे.

पीएम मोदी को स्टार प्रचारक के रूप बीजेपी ने सबसे बड़ा चुनावी हथियार लेकर राजस्थान में उतरेगी तो वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी बीजेपी इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है. आपको बता दें कि राजस्थान में काफी लोग गोरखपुर मठ से आस्था रखते हैं. ऐसे में योगी आदित्यनाथ के जरिए ऐसे वोटरों को मनाने की तैयारी भी बीजेपी कर रही है.

ऐसे में बीजेपी ने योगी आदित्यनाथ की दो दर्जन से भी अधिक रैलियां आयोजित करने की तैयारी में लगी है. हालांकि योगी आदित्यनाथ ने रैलियों की शुरुआत कर दी है. 5 नवंबर को बीकानेर से योगी ने इसकी शुरुआत कर दी है.

वहीं, बीजेपी में टिकट को लेकर बैठक होनेवाली है. ऐसे में वोटरों को उम्मीदवारों के सहारे भी लुभाने की तैयारी की गई है. ऐसा माना जा रहा है कि कई पुराने लोगों का इस बार टिकट कटने वाला है. और नए चेहरों को बीजपी मैदान में उतारने जा रही है. हालांकि टिकट कटने से नेताओं में हंगामा मच सकता है लेकिन इसके लिए भी वरिष्ठ नेताओं को संभालने के लिए निर्देश दे दिया गया है.

बहरहाल, अमित शाह ने बीजेपी को जीत दिलाने के लिए चक्रव्यूह की रचना कर ली है. जिसे भेदना कांग्रेस के लिए आसान नहीं होगा. पीएम मोदी की रैलियों के ऐलान होने के बाद से कांग्रेस को भी इसका तोड़ निकालने की जरूरत है. देखना यह है कि कांग्रेस कैसे बीजेपी के व्यूह को भेद आगे बढ़ती है.