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कांग्रेस की सबसे ‘कमजोर नस’ को आज दबाएगी बीजेपी, देशभर में करेगी विरोध-प्रदर्शन

नई दिल्ली: मौजूदा वक्त में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पार्टी के सभी बड़े नेता बीजेपी की मौजूदा सरकार पर प्रेस पर पाबंदी आजादी लगाने का आरोप लगा रहे हैं. अगले साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है. वहीं इस मोर्चे पर कांग्रेस को चित करने के लिए बीजेपी सोमवार (25 जून) को देशभर इंदिरा गांधी के दौर में देश पर लगे सबसे बड़े घाव इमरजेंसी को कुरेदेगी. दरअसल, साल 1975 की 25-26 जून की रात को आपातकाल लगाया गया था. 43 साल बाद बीजेपी पूरे देश में आपातकाल विरोधी दिवस मना रही है.

मीसा कानून के प्रभावितों को अभिनंदन करेंगे शाह
बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पार्टी की गुजरात इकाई के दो दिवसीय चिंतन शिविर के दूसरे दिन के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. वे यहीं लोगों को आपातकाल के दिनों की याद दिलाएंगे. पार्टी ने यहां एक बयान जारी कर बताया कि वह एक कार्यक्रम में भी शिरकत करेंगे जहां आपातकाल में मीसा कानून से प्रभावित हुए लोगों का अभिनंदन किया जाएगा. आपातकाल के दौरान इस कुख्यात कानून का राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया था.

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गुजरात भाजपा का चिंतन शिविर यहां एसजीवीपी हॉल में शुरू हो चुका है. इस सत्र का उद्देश्य 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए खाका तैयार करना है. शिविर में पहले दिन भाजपा के गुजरात के प्रभारी महासचिव भूपेंद्र यादव, संयुक्त महासचिव वी सतीश, केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला , मुख्यमंत्री विजय रुपानी और उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल मौजूद रहे.

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प्रदेश अध्यक्ष आई के जडेजा ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमारे नेता राज्य में सभी 26 लोकसभा सीटों को बनाए रखने के उद्देश्य से रोडमैप तैयार कर रहे हैं. ’’

दिल्ली प्रदेश बीजेपी ने कहा कि जनता के मौलिक अधिकारों का हनन किए जाने के विरोध में 25 जून को आपातकाल विरोधी दिवस मनाएगी. इस अवसर पर प्रदेश भाजपा आपातकाल बंदी स्मरण समिति की ओर से सोमवार शाम एक कार्यक्रम का आयोजन होगा. ऐसे ही कार्यक्रम देशभर के अलग-अलग राज्यों में किए जाएंगे.