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1-1 रुपए महंगा हो गया पेट्रोल-डीजल, जानिए आज का भाव और पूरे महीने का हाल

नई दिल्ली: पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार रिकॉर्ड हाई को छू रही हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया और क्रूड की बढ़ती कीमतों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा है. मोदी सरकार ने जून महीने में पेट्रोल-डीजल के दीर्घकालिक समाधान की बात कही थी, लेकिन अभी तक आम आदमी को कोई राहत नहीं दी गई. अगस्त के महीने में पेट्रोल-डीजल 1-1 रुपए महंगा हो चुके हैं. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में मंगलवार को एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है. दिल्ली और कई अन्य शहरों में डीजल के दाम अब तक के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए हैं. वहीं, पेट्रोल की कीमतों में भी तेजी से वृद्धि हुई है.

दिल्ली में 69.61 रुपए प्रति लीटर डीजल
दिल्ली में मंगलवार को डीजल की कीमतों में 15 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. इसी के साथ डीजल की कीमत 69.61 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जो अब तक का सबसे ऊंचा रिकॉर्ड है. दिल्ली में इससे पहले 29 मई को डीजल की कीमत 69.31 रुपए प्रति लीटर के हाई लेवल पर पहुंच गई थी. पिछले 14 दिन में पेट्रोल में 91 पैसे की तेजी देखी गई है, जबकि डीजल की कीमत 79 पैसे बढ़ी है.

पेट्रोल भी हुआ महंगा
मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 14 पैसे का इजाफा हुआ है, जिसके बाद कीमत बढ़कर 78.04 रुपए प्रति लीटर हो गई है. जानकारों के मुताबिक, इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से भारत में भी डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ रही है.

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15 साल पुरानी व्यवस्था हुई खत्म
पिछले साल जून में तेल कंपनियों ने हर महीने की पहली और 16 तारीख को तेल की कीमत में बदलाव करने वाली 15 साल पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया था. उसकी जगह उन्होंने रोजाना कीमतों में बदलाव के तरीके को अपनाया.

चारों मेट्रो सिटी में सोमवार को पेट्रोल के रेट

शहर दाम प्रति लीटर
दिल्ली 78.05
मुंबई 85.47
कोलकाता 80.98
चेन्नई 80.45

चारों मेट्रो सिटी में सोमवार को डीजल के रेट

शहर दाम प्रति लीटर
दिल्ली 69.61
मुंबई 73.89
कोलकाता 72.45
चेन्नई 73.69

तेल के दाम बढ़ने का कारण
इंटरनेशनल लेवल पर कच्चे तेल के दामों में फिर से तेजी देखने को मिल रही है. पिछले एक हफ्ते में क्रूड ऑयल की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है. तुर्की में जारी आर्थिक संकट के कारण रुपये में गिरावट चल रही है. ऐसे में ऑयल कंपनियों को कच्चे तेल को आयात करने के लिए ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं.