उत्तर प्रदेश चुनाव

मायावती के साथ गठबंधन पर कांग्रेस में फंसा पेंच, राहुल गांधी ने मांगा जमीनी ब्‍यौरा

नई दिल्‍ली: इस साल के अंत में मध्‍य प्रदेश, छत्‍तीसगढ़ और राजस्‍थान में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में दलित वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए कांग्रेस, बसपा के साथ तालमेल की संभावनाओं को टटोल रही है. इस सिलसिले में कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने इन तीनों प्रदेशों के पार्टी नेताओं से शनिवार को विचार-विमर्श किया.मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक के दौरान मध्‍य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ यूनिट के पार्टी नेताओं ने बीजेपी को हराने के लिए बीएसपी के साथ गठबंधन की पुरजोर वकालत की लेकिन राजस्‍थान के कांग्रेसी नेताओं ने इसका विरोध किया.

राजस्‍थान के पार्टी नेताओं ने कहा कि सूबे में बसपा का प्रभाव केवल कुछ ही क्षेत्रों में सीमित है. दूसरी तरफ वसुंधरा राजे के नेतृत्‍व वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ प्रचंड सत्‍ता-विरोधी लहर है. ऐसे में मायावती के नेतृत्‍व वाली बसपा के साथ गठबंधन का कोई फायदा नहीं है क्‍योंकि दीर्घकालिक अवधि में कांग्रेस का इससे नुकसान ही होगा. लिहाजा राजस्‍थान में कांग्रेस को अपने बूते चुनाव मैदान में उतरना चाहिए.

राहुल गांधी ने नहीं खोले पत्‍ते
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अलग-अलग राज्‍यों में बसपा के साथ तालमेल के मुद्दे पर भिन्‍न राय उत्‍पन्‍न होने पर पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने इन तीन राज्यों के नेताओं से कहा है कि वे इस संदर्भ में अगले कुछ दिनों के भीतर ‘जमीनी ब्यौरा’ सौंपें. उन्‍होंने फिलहाल बसपा से तालमेल के मुद्दे पर अपनी कोई राय जाहिर नहीं की.

तीनों राज्यों के पार्टी प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की राहुल गांधी से मीटिंग के दौरान बसपा के साथ गठबंधन के अलावा संगठन, चुनाव प्रचार की तैयारियों और टिकटों के आवंटन को लेकर चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा है कि जमीनी ब्यौरा हासिल करें, बसपा की क्या स्थिति है और सीटों के तालमेल में सही सूरत क्या होगी.”

मध्‍य प्रदेश में चल रही बातचीत
सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश में बसपा के साथ बातचीत पिछले कुछ महीने से चल रही है, लेकिन सीटों के तालमेल को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है. चर्चा के दौरान मौजूद रहे एक अन्य नेता ने बताया, ‘‘संसद सत्र के बाद राहुल गांधी के चुनावी कार्यक्रम इन तीनों राज्यों में जोरशोर से शुरू हो जाएंगे.’’

गांधी के साथ बैठक में मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ, पार्टी के राजस्थान प्रभारी अविनाश पांडे और प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट तथा छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया और प्रदेश अध्यक्ष भूपेश पटेल मौजूद थे.