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मनी लांड्रिंग केस में वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य को राहत, कोर्ट से मिली जमानत

नई दिल्‍ली : आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को पटियाला हाउस कोर्ट से सोमवार को राहत मिल गई. कोर्ट ने 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर विक्रमादित्य सिंह को जमानत दे दी. मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी.

दरअसल पिछली सुनवाई में कोर्ट ने ईडी की सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए विक्रमादित्य सिंह को आरोपी के तौर पर समन जारी कर 20 अगस्त को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था. कोर्ट के आदेश पर विक्रमादित्य सिंह सोमवार को कोर्ट में पेश हुए जहां कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी. बता दें कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी, जिसमें वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को आरोपी बनाया गया था. इससे पहले ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट में वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह का नाम है.

ईडी की ओर से दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य के अलावा तरानी इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक चंद्र शेखर व राम प्रकाश भाटिया को भी आरोपित बनाया गया था. ये दोनों वीरभद्र सिंह के साथ सीबीआई के केस में भी आरोपी हैं. इस मामले में वीरभद्र सिंह, उनकी पत्‍‌नी प्रतिभा सिंह, यूनिवर्सल एप्पल एसोसिएशन के मालिक चुन्नी लाल चौहान, जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के एजेंट आनंद चौहान समेत दो अन्य प्रेम राज और लवण कुमार रोच के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल किया जा चुका है.