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देश में सब्‍जी से बने ईंधन से उड़ेंगे प्‍लेन, हवाई यात्रा हो जाएगी सस्‍ती

नई दिल्ली : तेल की ऊंची कीमतें घरेलू विमानन कंपनियों की वित्तीय हालत खराब कर रही हैं. ऐसे में स्पाइस जेट की योजना सब्‍जी, ग्रीस, एमीबा आदि से बने जैव ईंधन से विमान परिचालन की है. स्पाइस जेट सोमवार को जैव ईंधन से विमान परिचालन का परीक्षण करेगी. यह एक छोटा टर्बोप्रॉप इंजन वाला विमान हो सकता है जो ईंधन के तौर पर जैवईंधन का उपयोग करेगा. पहली उड़ान देहरादून से दिल्‍ली के बीच होगी. यदि ऐसा संभव होता है तो हवाई यात्रा को और सस्ता बनाने में मदद मिल सकती है.

इस टेस्‍ट में शामिल होंगे डीजीसीए के अधिकारी
उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस परीक्षण उड़ान में नागर विमानन महानिदेशालय के अधिकारी और अन्य विमानन एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे, जो जैव ईंधन से विमान परिचालन की संभावनाओं और व्यवहार्यता को देखेंगे.

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ईंधन में मेथनॉल मिलाने की वकालत

नीति आयोग देश में पर्यावरण अनुकूल ईंधन मेथनॉल के उपयोग पर जोर दे रहा है. इसके साथ इस ईंधन की निरंतर आपूर्ति को ध्यान में रखते हुये किसी पश्चिमी एशियाई देश में मेथनॉल उत्पादन के लिये संयुक्त उद्यम लगाने की तैयारी की जा रही है. ईंधन में मेथनॉल गैस की वकालत करने वाले नीति आयोग के सदस्य वी.के. सारस्वत ने कुछ समय पहले कहा था कि देश में मेथनॉल आपूर्ति के लिये हम संयुक्त उद्यम लगाने को लेकर पश्चिम एशियाई देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं.
यह पूछे जाने पर कि यह संयुक्त उद्यम कहां लगाया जायेगा, उन्होंने स्पष्ट नाम देने से इनकार करते हुये केवल इतना कहा, ‘‘यह एक पश्चिम एशियाई देश में होगा और इसमें बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है.’

पहली अंतरराज्यीय पवन ऊर्जा परियोजना शुरू
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने कहा है कि देश की पहली अंतरराज्यीय पवन ऊर्जा पारेषण प्रणाली भुज में शुरू हो गई है. इस परियोजना की क्षमता 126 मेगावाट है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय सौर ऊर्जा निगम (सेकी) ने इस परियोजना का ठेका फरवरी 2017 में दिया था. इसके लिए 3.46 रुपये प्रति यूनिट की दर तय हुई थी.