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सीमा को अवैध रूप से पार करने का मामला : ट्रंप की रोक के खिलाफ कानूनी समूहों ने अदालत में कहा…

अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन एस टीगर ने सैन फ्रांसिस्को में सुनवाई के दौरान तत्काल कोई फैसला नहीं दिया कि अस्थायी रोक का आदेश जारी करना है या नहीं.

ह्यूस्टन: अमेरिकी-मैक्सिको सीमा को अवैध रूप से पार करने वाले किसी भी व्यक्ति को शरण देने पर प्रतिबंध लगाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले के खिलाफ कानूनी समूहों ने अदालत में तर्क पेश किए. इन समूहों ने कहा कि न्यायाधीश को चाहिए कि ट्रंप प्रशासन को इस फैसले को लागू करने से रोके. अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन एस टीगर ने सैन फ्रांसिस्को में सुनवाई के दौरान तत्काल कोई फैसला नहीं दिया कि अस्थायी रोक का आदेश जारी करना है या नहीं.

ट्रंप प्रशासन ने लगाई थी शरणार्थियों के काफिले पर रोक
अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन और सेंटर फॉर कॉन्स्टीट्यूश्नल राइट्स ने यह आग्रह किया था. इन समूहों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस महीने जारी प्रतिबंध के फौरन बाद मुकदमा दायर कर दिया था. ट्रंप ने अमेरिकी-मैक्सिको सीमा पर आ रहे शरणार्थियों के काफिले को लेकर यह रोक जारी की थी.

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा- ट्रंप
ट्रंप ने नौ नवंबर को घोषणा की थी कि दक्षिणी सीमा पार करने वाला कोई भी व्यक्ति शरण का पात्र नहीं होगा. सेंटर फॉर कॉन्स्टीट्यूश्नल राइट्स के एक वकील बाहेर आज्मी ने कहा कि आधिकारिक एवं कानूनी तरीके से सीमा पार कर आने वाले लोगों को शरण देने की व्यवस्था है. इसे इससे ज्यादा स्पष्ट नहीं किया जा सकता.ट्रंप का तर्क है कि ये काफिले राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं.