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सैन्य कमांडर बोले, ‘पाकिस्तान को आतंकवाद पर उसी की भाषा में दिया जा रहा है जवाब’

सिंह ने कहा, ”नियंत्रण रेखा पर उन्होंने जब भी संघर्षविराम का उल्लंघन किया, हमने उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है.”

उधमपुर: सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि अगर पाकिस्तान भारत के लिए अहितकर गतिविधियों को अंजाम देता है तो, उसे इसकी सजा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि संघर्षविराम का उल्लंघन करने वाले पड़ोसी देश को इसका मुंहतोड़ जवाब दिया गया. सेना के कमांडर ने ये टिप्पणी बीते कुछ दिनों में जम्मू क्षेत्र में नियंत्रण रेखा के निकट छिपकर किए गए हमलों में हुई मौत की घटनाओं की पृष्ठभूमि में की.

पाकिस्तान को दंडित किया जाएगा- सैन्य कमांडर
आर्मी गुडविल स्कूलों के शिक्षकों के सम्मान में जम्मू कश्मीर के उधमपुर में आयोजित एक कार्यक्रम से इतर सिंह ने कहा, ”मौके पर मौजूद जवानों के लिए यह संदेश बिलकुल स्पष्ट है कि यदि पाकिस्तान ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने से बाज नहीं आता है, जो नियंत्रण रेखा के निकट हमारे राष्ट्रीय हित के लिए नुकसानदायक हैं, तो उसे उसी के मुताबिक दंडित किया जाना चाहिए.” जम्मू के राजौरी और पुंछ जिले में पिछले हफ्ते नियंत्रण रेखा के समीप छिपकर हमले की घटनाओं में सेना के तीन जवान और उनका एक सहायक मारे गए थे जबकि, चार अन्य घायल हो गए थे.

पाकिस्तान लगातार करता रहता है घुसपैठ की कोशिशें
सिंह ने कहा, ”नियंत्रण रेखा के समीप एक इलाके में छिपकर हमले की घटनाएं नियमित तौर पर हो रही हैं और इस बारे में हमने अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ नियमित तौर पर विरोध दर्ज करवाया है. उन्होंने जब भी संघर्षविराम का उल्लंघन किया, हमने उन्हें इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है.” उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ की गतिविधियों का जहां तक सवाल है तो, पाकिस्तान ने इसे बल देने की अपनी कोशिशों को जारी रखा है.

उन्होंने यह भी कहा कि पूरी नियंत्रण रेखा पर भारतीय सेना तैनात है और आतंकियों को हमारी ओर भेजने के पाकिस्तान के सभी मंसूबों को विफल करने में हम सक्षम हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के भीतरी क्षेत्र में सुरक्षा हालात स्थिर लेकिन नाजुक बने हुए हैं. गुडविल स्कूलों की शुरुआत वर्ष 1998 में हुई थी और सद्भावना परियोजना के तहत उत्तरी कमान ऐसे 45 स्कूलों का संचालन करती है. जम्मू के रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद ने कहा कि शिक्षण के नवीन तरीकों का इस्तेमाल करने वाले 24 शिक्षकों को लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने पुरस्कार दिए. ब्रिगेडियर विक्रम नागपाल ने कहा कि सद्भावना परियोजना के तहत 15,000 छात्रों को शिक्षा दी जा रही है जबकि 1,000 शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को रोजगार मिल रहा है.