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किसानों की हड़ताल से दूध और फल-सब्जी की सप्लाई बाधित, बिगड़ सकते हैं हालात

नई दिल्ली : अपनी उपजों के वाजिब दाम, कर्ज माफी एवं अन्य मांगों को लेकर किसानों के 10 दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का असर दिखने लगा है. विरोध स्वरूप किसानों ने दूध, फल-सब्जियां सड़कों पर फेंक दिए. दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों में दूध, सब्जी और फलों की किल्लत होने लगी है. किसानों की हड़ताल यदि आने वाले दिनों में पड़ोसी राज्यों में और तेज होती है तो दिल्ली को ताजा सब्जी, फलों और अन्य जल्द खराब होने वाली वस्तुओं की आपूर्ति में कमी का सामना करना पड़ सकता है.

आजादपुर मंडी के अध्यक्ष आदिल खान ने कहा कि सब्जियों, फलों और अन्य खाद्य सामग्रियों से भरे ट्रक दिल्ली पहुंच गए. यदि आने वाले दिनों में किसानों की हड़ताल जारी रहती है जो अगले हफ्ते दिल्ली में हालात बिगड़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली की मंडियों में खाद्य सामग्रियों का स्टॉक है और यह अगले दो दिनों की मांग पूरा करने के लिए पर्याप्त है. यदि उसके बाद आपूर्ति नहीं होती है तो हालत चिंताजनक हो सकती है.

दूध फेंकने के मामले में तीन गिरफ्तार
किसानों की हड़ताल के दौरान मध्य प्रदेश के बैतूल में दूध फेंकने का एक वीडियो वायरल हुआ था. बैतूल जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर ग्राम कोदारोटी में दूध फेंकने का वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में पुलिस ने तीन किसानों को आज गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें बाण्ड भरवाने के बाद हिदायद देकर छोड़ दिया गया. इस मामले में प्रशासन ने इलाके के एक कोटवार को निलंबित कर दिया.

Farmer Strike

कोतवाली पुलिस थाना प्रभारी राजेश साहू ने बताया कि किसान राहुल यादव नाम का किशोर बाल्टी में दूध लेकर ग्राम कोदारोटी में पहुंचा था, जहां पहले से मौजूद दिनेश यादव, रामकरन यादव और फूलचंद यादव ने दुग्ध समिति सचिव शंभूदयाल को दुग्ध नहीं बेचने की बात कहते हुए विरोध शुरू कर दिया और इसका एक वीडियो भी बना दिया. फिर इस वीडियो को व्हाट्सअप एप पर वायरल कर दिया. इन तीनों किसानों को कोतवाली पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर तहसील न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 35-35 हजार रुपए का बाण्ड भरवाने के बाद हिदायद देकर छोड़ दिया गया.

मंडियों में पसरा सन्नाटा 
किसानों के 10 दिवसीय देशव्यापी ‘गांव बंद आंदोलन’ के दूसरे दिन मध्य प्रदेश में शांति बनी रही, लेकिन कृषि उपज मंडियों में इसने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया. मंदसौर कृषि उपज मंडी एवं अन्य मंडियों में सन्नाटा पसरा रहा. इन सरकारी मंडियों में किसान अपनी उपजों को बेचने के लिए आते हैं.

कृषि उपज मंडी मंदसौर के इंस्पेक्टर समीर दास ने बताया कि मंडी में सन्नाटा पसरा रहा. इस मंडी में प्रतिदिन करीब 40,000 से 60,000 बोरी विभिन्न कृषि उपज विक्रय के लिये प्रदेश के अनेक जिलों के साथ ही पड़ोसी राजस्थान के जिलों से आती थी. लेकिन आज मंडी में मात्र 800 बोरी के आसपास माल की आवक रही, जिसमें गेहूं, लहसुन, सोयाबीन, मेथी और प्याज शामिल थे.

तीन किसानों की मौत
मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे में तीन किसानों की मौत हुई है, जिनमें से दो किसानों ने कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या की है, जबकि एक किसान की कृषि उपज मंडी में कथित अव्यवस्थाओं के चलते मौत हुई है. कर्ज से परेशान एक-एक किसान ने बालाघाट एवं शाजापुर जिलों में खुदकुशी की है, जबकि सिवनी जिले की सिमरिया कृषि उपज मंडी में कथित अव्यवस्थाओं के चलते चना बेचने आए एक किसान ने दम तोड़ दिया.

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Rahul Gandhi✔ @RahulGandhi

हमारे देश में हर रोज़ 35 किसान आत्महत्या करते हैं। कृषि क्षेत्र पर छाए संकट की तरफ़ केंद्र सरकार का ध्यान ले जाने के लिए किसान भाई 10 दिनों का आंदोलन करने पर मजबूर हैं। हमारे अन्नदाताओं की हक की लड़ाई में उनके साथ खड़े होने के लिए 6 जून को मंदसौर में किसान रैली को संबोधित करूंगा

6 जून को किसानों को संबोधित करेंगे राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश के मंदसौर में 6 जून को किसानों की रैली को संबोधित करेंगे. पिछले वर्ष छह जून को पुलिस की गोलीबारी में सात किसानों की मौत हो गई थी. राहुल ने एक जून से 10 जून तक देशभर में आंदोलनरत किसानों के प्रति शनिवार को अपना समर्थन जताया है. शुक्रवार को शुरू हुए किसानों के 10 दिवसीय आंदोलन के एक दिन बाद राहुल ने ट्वीट किया कि वह देश में किसानों की समस्याओं को रेखांकित करने के लिए छह जून को मंदसौर में एक रैली को संबोधित करेंगे.

राहुल ने कहा, “हमारे देश में रोज करीब 35 किसान आत्महत्या करते हैं. खेती की समस्याओं की तरफ सरकार का ध्यान खींचने के लिए किसान 10 दिनों तक आंदोलन के लिए मजबूर हुए हैं.” उन्होंने कहा, “अपने अन्नदाता के अधिकारों की लड़ाई को समर्थन देने के लिए, मैं छह जून को मंदसौर में किसानों की रैली को संबोधित करूंगा.”