उत्तराखंड

राम मंदिर जनता की मांग है इसलिए अध्यादेश लाने में कोई समस्या नहीं है: मुरली मनोहर जोशी

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर जारी साधू संतों के जमावड़े के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने फिर से मोर्चा संभला है.

नई दिल्ली: राम मंदिर को लेकर राजनीति तेज हो चली है. उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आगामी 25 अक्टूबर को होने वाली धर्मसभा की तैयारियां तेजी से चल रही है. विहिप के इस कार्यक्रम के लिए आरएसएस के साथ ही बीजेपी ने भी पूरी ताकत झोंक दी है. इस बीच कानपुर से सांसद मुरली मनोहर जोशी ने भी राम मंदिर को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि समाज की कई मांगें हैं, राम मंदिर भी उनमें से एक है. इसलिए समाज की इस समस्या को सुलझाने के लिए अगर अध्यादेश लाया जाए, तो इसमें कोई समस्या नहीं है.

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर जारी साधू संतों के जमावड़े के बीच भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने फिर से मोर्चा संभल लिया है. आपको बता दें 24 नवंबर यानि शनिवार से अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए भीड़ जुटना शुरू हो गई है. शनिवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और 25 नवंबर को वीएचपी की धर्मसभा के लिए देश को कोने-कोने से लोग जुटने लगे हैं.

25 नवंबर को विहिप की धर्मसभा मंदिर समर्थकों को जुटाने के साथ व्यवस्था में लगे लोगों की संख्या से रामभक्तों की भीड़ उमड़ने का अंदाजा लगाया जा सकता है. इसके लिए चार हजार कार्यकर्ता लगे हैं. बड़ी संख्या में आने वाले लोगों के वाहन पार्किंग के लिए 13 स्टैंड का इंतजाम हैं. वाहन सभास्थल से एक किलोमीटर दूर रोक दिए जाएंगे. पार्किंग के लिए पांच सौ से अधिक कार्यकर्ताओं को लगाया गया है. धर्मसभा की पूर्व संध्या पर  20 हजार रामभक्त अयोध्या पहुंच जाएंगे. इनके रुकने के लिए ढाई दर्जन मंदिरों-धर्मशालाएं अनुबंधित है.