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मुस्लिम से हिंदू बन जैन लड़की से की थी शादी, सुप्रीम कोर्ट में लड़की ने पति के साथ जाने से किया मना

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में एक अजीबोगरीब प्रेम विवाह का अंत बड़े नाटकीय ढंग से हुआ. इस प्रेम विवाह में छत्तीसगढ़ के मुस्लिम युवक ने एक जैन लड़की से हिंदू बनकर शादी की. लड़की ने ये विवाह अपने माता पिता की मर्जी के खिलाफ किया था. बाद में मुस्लिम युवक ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कहा कि उसकी पत्नी को उसके माता पिता से खतरा है. मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. यहां लड़की ने कहा, उसने अपनी मर्जी से ये विवाह किया था, अब वह अपनी मर्जी से माता पिता के साथ रहना चाहती है. इसके बाद शीर्ष कोर्ट ने कहा, ये महिला का अधिकार है कि वह किसके साथ रहना चाहती है.

ये मामला छत्तीसगढ़ के धमतरी का है. यहां के युवक मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी और अशोक कुमार जैन की बेटी अंजलि जैन आपस में प्यार करते थे. इब्राहिम ने हिंदू आर्यन आर्य बनकर 25 फरवरी, 2018 को रायपुर के एक आर्य समाज मंदिर में अंजलि से शादी की. थोड़े दिनों में ही ये मामला हाईकोर्ट पहुंच गया. जहां उसने आरोप लगाया कि उसे उसकी पत्नी से बलपूर्वक अलग किया गया है. उसने कहा कि उसकी पत्नी ने हाई कोर्ट में कहा कि वह 23 साल की है और बालिग है तथा अपनी मर्जी से उसने उससे शादी की है. हाईकोर्ट ने उसे अपने माता-पिता के साथ रहने या छात्रावास में उसके रहने का इंतजाम कराने का निर्देश दिया.

इसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. मोहम्मद इब्राहिम सिद्दीकी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी. उसने कहा है कि उसने उसकी पत्नी के परिवार को उसे मुक्त करने का आदेश देने से इनकार कर गलती की है. उसकी और उसकी पत्नी की जान पर खतरा है. पत्नी को उसके माता-पिता उसकी मर्जी के विरुद्ध स्वतंत्रता से वंचित कर रहे हैं. उसे भी उसकी पत्नी के घरवाले और समाज के कुछ अन्य कट्टरपंथी तत्व धमकी दे रहे हैं.

उसकी याचिका पर चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब मांगा था. याचिका की प्रति राज्य सरकार के वकील को देने का निर्देश दिया है. पीठ ने कहा, छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के पुलिस अधीक्षक को प्रतिवादी नंबर 4, अशोक कुमार जैन की बेटी अंजलि जैन को 27 अगस्त 2018 को अदालत में पेश करने का निर्देश दिया जाता है. पीठ ने अदालत के अधिकारियों को इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया.

इसके बाद लड़की के परिजनों की ओर से पेश हुए वकील जुगल किशोर ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, ये एक सिर्फ दिखावे की शादी थी. मुस्लिम युवक 2 बार शादी कर के तलाक ले चुका है. हालांकि पीठ ने उनकी इस दलील को दरकिनार कर दिया. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की बैंच के सामने खुद महिला हाजिर हुई. उसने बैंच के सामने दोहराया, उसने अपनी मर्जी से शादी की थी. अब वह अपनी मर्जी से अपने माता पिता के साथ रहना चाहती है. वह किसी भी तरह के दबाव में नहीं है.