चुनाव मध्यप्रदेश

MP: राहुल की कर्ज माफी की घोषणा के बाद PM मोदी के दौरे से बीजेपी ने साधे कई निशाने

इंदौर: नवंबर में मध्‍य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों की पृष्‍ठभूमि में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 23 जून को मध्य प्रदेश में अलग-अलग कार्यक्रम में शिरकत करने के साथ ही सत्तारूढ़ बीजेपी ने चुनावी शंखनाद कर दिया है. इस दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने करीब 8,714 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण किया. इसके साथ ही पार्टी ने एक ही तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है.

बीजेपी का दांव
सियासत के जानकारों के मुताबिक, बीजेपी ने चुनावी साल में प्रधानमंत्री के दौरे को भुनाने की कोशिश के तहत खाका इस तरह तैयार किया था कि राजगढ़ में पीएम मोदी के हाथों 4,000 करोड़ रुपये की लागत वाली सिंचाई परियोजना के लोकार्पण के बूते किसानों को खुश किया जा सके. वहीं इंदौर में आयोजित कार्यक्रम के जरिये राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 4713.75 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की मोदी द्वारा ई-शुरूआत के आधार पर गरीब और मध्यम वर्ग के मतदाताओं को लुभाया जा सके.

उल्‍लेखनीय है कि बीजेपी इस साल के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनावों में लगातार चौथी बार सरकार बनाने की चुनौती का सामना कर रही है, जबकि कांग्रेस खासकर किसानों के कथित असंतोष के मुद्दे को उभारकर सूबे की सत्ता से पिछले 15 साल का वनवास खत्म करने की कोशिश में जुटी है. इस दौरे के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर बरसते हुए आरोप लगाये कि उसने सियासत में परिवारवाद को बढ़ावा दिया तथा अपने पूर्ववर्ती शासनकाल में वोट बैंक के नफा-नुकसान को ध्यान में रखते हुए सरकारी योजनाएं चलाईं.

rahul gandhi
छह जून को मंदसौर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान रैली की थी.(फाइल फोटो)

राहुल गांधी की रैली
इससे पहले छह जून को मंदसौर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने किसान रैली की थी. अब उसके एक पखवाड़े के भीतर ही पीएम मोदी के दौरे के बाद मध्‍य प्रदेश का सियासी पारा अचानक चढ़ गया है. मंदसौर में पिछले वर्ष किसान आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में छह कृषकों की मौत हो गई थी. राहुल इन किसानों की बरसी पर छह जून को मंदसौर पहुंचे थे और कांग्रेस की “किसान समृद्धि संकल्प रैली” को संबोधित किया था.

इस दौरान उन्होंने कृषि संकट के मुद्दे को गरमाते हुए सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधने के साथ अहम घोषणा की थी कि प्रदेश के अगले विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ कर दिया जायेगा.बहरहाल बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा इस बात को सिरे से खारिज करते हैं कि प्रधानमंत्री के एक दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे के तहत आयोजित दोनों कार्यक्रमों में सत्तारूढ़ दल ने भीड़ जुटाकर अपना शक्ति प्रदर्शन किया, ताकि राहुल की किसान रैली का जवाब दिया जा सके.

अगले विधानसभा चुनावों के लिये भाजपा के रणनीतिकारों में शामिल राज्यसभा सांसद झा ने कहा, “प्रदेश में शक्तिहीन कांग्रेस के सामने हमें अपने शक्ति प्रदर्शन की कोई जरूरत नहीं है. आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस सूबे की 230 सीटों में से 30 सीटें भी नहीं जीत सकेगी.”

उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश दौरे में मोदी ने अपनी बातों से कांग्रेस के उन “स्वाभिमानी” कार्यकर्ताओं के भी मन को छू लिया, जो इस पार्टी में लंबे समय से एक ही परिवार की “आराधना” से खुश नहीं हैं. झा ने बताया कि मोदी ने अपने दौरे में प्रदेश में भाजपा के “विकास पर्व” का शुभारंभ किया. इस कार्यक्रम के तहत आयोजनों का सिलसिला छह जुलाई तक चलेगा.

इस बीच, मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने एक बयान में मोदी के प्रदेश दौरे पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा सरकार ऐसे समय में विकास पर्व मना रही है, जब प्रदेश में एक दलित किसान को जिंदा जला दिया जाता है, कर्ज के बोझ के कारण किसान प्रतिदिन आत्महत्या कर रहे हैं, बेरोजगार युवा मौत को गले लगा रहे हैं, अवैध रेत उत्खनन कर तेज रफ्तार से दौड़ते डम्पर लोगों को कुचल रहे हैं और महिलाएं प्रतिदिन ज्यादती का शिकार हो रही हैं.”

कमलनाथ ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी वर्ष में “विकास पर्व” के माध्यम से झूठे शिलान्यास, भूमि पूजन और घोषणाएं कर प्रदेश की जनता को गुमराह कर रही है. उन्होंने कहा, “आज प्रदेश के जो हालात हैं, उन्हें देखते हुए भाजपा सरकार को विकास पर्व के बजाय प्रायश्चित पर्व मनाना चाहिये.”