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पंजाब में खैरा गुट से बातचीत के खिलाफ नहीं हैं : अरविंद केजरीवाल

चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी (आप) की पंजाब इकाई में आपसी मतभेदों को हल करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह पार्टी के हित के लिए सुखपाल सिंह खैरा के नेतृत्व वाले असंतुष्ट विधायकों के गुट से बातचीत के खिलाफ नहीं है. केजरीवाल ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ किसी गठबंधन से भी इनकार किया. उन्होंने कहा नहीं, ऐसा नहीं होने जा रहा.

पंजाब यात्रा के दौरान रविवार केजरीवाल मेहल कलां में पार्टी विधायक कुलवंत सिंह के पिता के भोग की रस्म में शामिल हुए. इसके बाद उन्होंने सुनाम में पार्टी विधायक अमन अरोड़ा के निवास पर पंजाब में पार्टी के 11 विधायकों से अनौपचारिक मुलाकात की.

पंजाब विधानसभा के सत्र से पहले ‘आप’ के विधायक दल के आह्वान पर अरोड़ा ने असंतुष्ट खेमे के विधायकों के साथ बातचीत शुरू कर दी है. पंजाब विधानसभा का सत्र 24 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा.

पिछले माह ‘आप’ ने नेता प्रतिपक्ष के पद से खैरा को हटाकर चीमा को नियुक्त कर दिया था. पार्टी के 20 में से 8 विधायकों ने इस पर बगावत कर दी थी जिससे राज्य में पार्टी की इकाई संकट में आ गई. खैरा ने खुद को हटाए जाने के कदम को अलोकतांत्रिक करार दिया था.

सुनाम से विधायक अमन अरोड़ा द्वारा खैरा गुट के साथ शुरू की गई वार्ता को लेकर माना जा रहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान पार्टी अपनी एकजुटता प्रदर्शित करना चाहती है. सत्र के दौरान बेअदबी के मुद्दे पर सदन में जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की रिपोर्ट पेश की जा सकती है.

अरोड़ा के आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान केजरीवाल ने कहा, ‘प्रत्येक पार्टी में, हर परिवार में मुद्दे और झगड़े होते हैं. मेरा मानना है कि जो साथी नाराज हैं उन्हें मना लिया जाएगा. मैंने अपने कुछ विधायकों से उनसे मिलने को कहा है और अगर जरूरत महसूस होती है तो मैं भी उनसे बात करूंगा.’

केजरीवाल के साथ इस दौरान दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे. खैरा ने भी भोग रस्म के दौरान केजरीवाल से दूरी बनाकर रखी.