छत्‍तीसगढ़ जम्मू - कश्मीर देश

नक्सलियों के लिए ‘काल’ रहे ये 2 अफसर भेजे गए जम्मू कश्मीर, पत्थरबाजों की लेंगे खबर

नई दिल्ली: जम्मू कश्मीर में राज्यपाल शासन लागू होने साथ ही अनुमान लगाया जा रहा है कि सुरक्षाबल आतंकियों और पत्थरबाजों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेने की तैयारी में है. इस बात का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार ऑपरेशन को अंजाम देने वाले ऑफिसरों की तैनाती जम्मू कश्मीर में कर रही है. इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के अडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) बीवीआर सुब्रमण्यम को जम्मू कश्मीर का चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है. उनकी यह नियुक्ति डेपुटेशन पर हुई है. इसके अलावा पूर्व आईपीएस अधिकारी विजय कुमार को राज्यपाल का सलाहकार नियुक्त किया गया है.

केंद्र सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि सुब्रमण्यम और विजय कुमार जितनी जल्दी हो जम्मू कश्मीर में ड्यूटी ज्वाइन करें. 1987 बैच के IAS सुब्रमण्यम काबिल ऑफिसर माने जाते हैं. इनके नाम कई बड़े ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम तक पहुंचाने का दर्ज है. खासकर नक्सलियों के खिलाफ कई ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाया है.

वहीं विजय कुमार के दिशा-निर्देशन में कई ऑपरेशन हो चुके हैं. कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन साल 2004 में मारा गया था. इस ऑपरेशन का नेतृत्व विजय कुमार ने ही किया था. विजय 1975 में तमिलनाडु कैडर के आईपीएस बने थे. वे 1998-2001 में बीएसएफ के महानिरीक्षक (आईजी) के तौर पर कश्मीर घाटी में ड्यूटी कर चुके हैं.

साल 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 75 जवानों के शहीद होने के बाद विजय कुमार को इस बल का डीजी बनाया गया था. विजय कुमार की निगरानी में सीआरपीएफ नक्सलियों के खिलाफ कई ऑपरेशन किए. साथ ही नक्सली हरकतों में भी कई आई थी.

ये भी पढ़ें: जम्‍मू-कश्‍मीर: राज्‍य में 6 साल तक रहा है लगातार गवर्नर शासन

दिलचस्प बात यह है कि जम्मू कश्मीर के नए चीफ सेक्रेटरी बीवीआर सुब्रमण्यम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को काफी पसंद थे. मनमोहन सिंह ने यूपीए के पहले कार्यकाल में सुब्रमण्यम को अपना निजी सविच नियुक्त किया था. इसके बाद यूपीए-2 में मनमोहन सिंह ने इन्हें 2012 में फिर से संयुक्त सचिव के पद पर बहाल किया गया थी. सुब्रमण्यम तीन साल तक विश्व बैंक में भी नौकरी कर चुके हैं. वहां से लौटने पर मनमोहन सिंह ने इन्हें जॉइंट सेक्रेटरी बनाया था.