छत्‍तीसगढ़ मध्यप्रदेश

छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री रमन सिंह बोले,’अभी दिल्ली दूर है, राज्य के लिए बहुत काम करना है’

मुख्यमंत्री ने कहा,‘फिलहाल मुझे लगता है कि दिल्ली दूर है. छत्तीसगढ़ में काम करके खुशी मिलती है और यहां बहुत काम करना है.’ वह इन सवालों का जवाब दे रहे थे कि राजनीतिक करियर की अगली पारी में वह अपने लिए क्या भूमिका देखते हैं और क्या इसमें राष्ट्रीय स्तर पर काम करने के लिए दिल्ली जाना शामिल होगा.

कुछ नेताओं को केंद्र में भेजे जाने की चर्चा
कुछ वर्गों में इस तरह की चर्चा है कि रमन सिंह और कई राज्यों के दूसरे कुछ वरिष्ठ बीजेपी नेताओं को केंद्र में भेजा जा सकता है. बहरहाल, सत्तारूढ़ पार्टी या उसके शीर्ष नेताओं की तरफ से इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

आगामी विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में बीजेपी को फिर से सत्ता पर काबिज करने के लिए पूरी तरह कोशिश कर रहे रमन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में जिस तरह का काम किया है और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का जिस तरह का प्रदर्शन रहा है, उसके आधार पर राज्य में ‘सत्ता-समर्थक’ लहर है. विपक्ष के नेता रमन सिंह के खिलाफ मजबूत सत्ता-विरोधी लहर होने की बात कर रहे हैं.

‘चुनावों को केंद्र पर जनमत संग्रह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए’
मुख्यमंत्री के रूप में चौथे कार्यकाल में भी विजय की उम्मीद के साथ काम कर रहे सिंह ने कहा कि राज्य के चुनावों का लोकसभा चुनाव पर कुछ असर हो सकता है लेकिन इसे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के लिए जनमत संग्रह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.

बता दें कई राजनीतिक पंडितों ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनावों को 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले सेमीफाइनल की संज्ञा दी हैं.

‘अगर सत्ता में आए तो बस्तर में शांति होगी प्राथमिकता’
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वह अगले कार्यकाल के लिए चुने जाते हैं तो उनकी प्राथमिकता नक्सल प्रभावित बस्तर में पूरी तरह शांति स्थापित करना होगा. सिंह ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों के लिए अब भी गुस्सा है और सत्ता में आने पर यहां शांति लाना उनकी प्राथमिकता में होगा.

सलवा जुडूम पर उन्होंने कहा कि नक्सलियों को लेकर जनता में नाराजगी के कारण यह आंदोलन उपजा था जो आज भी है लेकिन इस तरह के आंदोलन ज्यादा लंबे समय तक नहीं चल सकते