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लालू यादव की लाइफ में आया नया ‘दुश्मन’, नींद तक कर रखी है हराम

सौरभ शुक्ला, रांची: चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. इस बार कुत्ते उनके दुश्मन बन बैठे हैं. कुत्तों की वजह से लालू यादव ठीक से सो नहीं पा रहे हैं. डेंगू के डंक के बाद अब कुत्ते लालू यादव की नींद हराम कर रहे हैं. लालू यादव जेल में जब कभी सोने की कोशिश करते हैं तो कुत्ते जोर-जोर से भौंकने लगते हैं. रात में कुत्तों की आवाज लालू के कानों में जोर से पहुंचती है, जिससे वे चाहकर भी नहीं सो पाते हैं. इस समस्या से निदान के लिए लालू यादव पेइंग वार्ड में शिफ्ट होना चाहते हैं.

दरअसल, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को रिम्स के सुपर स्पेशलिटी विभाग में इलाज के लिए भर्ती किया गया है, जहां कुत्ते लालू यादव की नींद हराम कर रहे हैं. लालू प्रसाद यादव रिम्स में इलाजरत हैं, लेकिन कुत्ते लालू यादव की परेशानी का कारण बन चुके हैं. दिन में सोने वाले ये कुत्ते रात को भौंककर लालू यादव को जगा देते हैं, जिससे उनकी नींद हराम हो गई है. लालू यादव के समर्थक इरफान अंसारी ने बताया कि लालू यादव की लाइफ में कुत्ते बड़ी परेशानी बने हुए हैं.

लालू प्रसाद यादव के अटेंडेंट भोला यादव ने कहा कि उनकी सेहत यथावत बनी हुई है. उनके कमरे की बाथरूम की स्थिति खराब है, जिस वजह से पेइंग वार्ड की मांग कर रहे हैं, ताकि वहां लालू आराम से रह सके और टहल भी सकें. उनका कहना है कि टहलने से लालू का शुगर लेवल भी सामान्य रहेगा. वहीं भोला यादव ने कहा कि रात में कुत्ते परेशानी का कारण बन गए हैं और नींद भी हराम कर रहे हैं.

बहराल राजनीति में अच्छे-अच्छों को पटखनी देने वाले लालू यादव की नींद कुत्तों के कारण पूरा नही हो रहा है. लिहाजा लालू पेइंग वार्ड की मांग कर रहे हैं ताकि नींद पूरा हो सके और उनकी सेहत भी बेहतर हो सके.

लगभग सौ दिनों बाद दोबारा जेल भेजे गये लालू
चारा घोटाला मामले के दोषी राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद ने अंतरिम जमानत अवधि समाप्त होने के बाद आज सीबीआई अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. अदालत ने उन्हें करीब 100 दिन के बाद वापस बिरसा मुंडा जेल भेज दिया है. प्रसाद चारा घोटाला मामलों की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालतों में पहुंचे और उन्होंने बारी-बारी से चाईबासा कोषागार से लूट के मामले में आदेश देने वाली एसएस प्रसाद की अदालत और फिर देवघर एवं दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामलों में फैसला सुनाने वाली एमपी मिश्रा की अदालत में आत्मसमर्पण किया. दोनों अदालतों ने प्रसाद को न्यायिक हिरासत में लेकर वापस बिरसा मुंडा जेल भेजने के आदेश दिये.

आरजेडी प्रमुख के अधिवक्ताओं ने लालू को इलाज के लिए रिम्स अस्पताल में भर्ती कराने का अनुरोध किया जिसके बाद अदालतों ने जेल प्रशासन को प्रसाद के स्वास्थ्य का उचित ख्याल रखना का निर्देश दिया.

प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि जेल के चिकित्सक उनके स्वास्थ्य की जांच करेंगे. उनकी बीमारियों की जांच के लिए रिम्स के चिकित्सकों का बोर्ड बनाया जा सकता है और इस मेडिकल बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर प्रसाद को जल्द ही वापस रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है. लेकिन फिलहाल वह जेल में ही रहेंगे.

झारखंड उच्च न्यायालय ने 24 अगस्त के अपने आदेश में प्रसाद को कहा था कि वह 30 अगस्त तक सीबीआई की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण करें.

इससे पहले अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख की चारा घोटाले के देवघर कोषागार समेत सभी तीन मामलों में स्वास्थ्य कारणों से दी गयी अंतरिम जमानत की अवधि को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था.

अदालत ने कहा था कि आवश्यक होने पर अब प्रसाद का यहां रिम्स अस्पताल में इलाज होगा.

न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए लालू के अधिवक्ताओं की अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की दलील को 24 अगस्त को अस्वीकार कर दिया था. अदालत ने प्रसाद को आत्मसमर्पण के लिए 30 अगस्त तक का समय दिया था.