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RSS को समझने के लिए संघ राहुल गांधी को बातचीत का निमंत्रण भेजेगा: सूत्र

नई दिल्‍ली: पिछले दिनों अपने यूरोपीय दौरे के दौरान कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी तुलना अरब जगत के संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की थी. उससे पहले भी राहुल गांधी लगातार आरएसएस पर हमले करते रहे हैं. इसी कड़ी में राहुल गांधी के संघ विरोधी बयानों के बाद सूत्रों के मुताबिक आरएसएस ने संघ को समझने के लिए राहुल गांधी को आमंत्रित करने का फैसला किया है.

सूत्रों के मुताबिक 17-19 सितंबर के बीच संघ के कार्यक्रम में हिस्‍सा लेने के लिए इनमें से किसी भी दिन राहुल गांधी को आमंत्रित किया जा सकता है. वैसे 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्‍मदिन है. इसलिए सूत्रों के मुताबिक इस बात की प्रबल संभावना है कि उनको उसी दिन बुलावे का आमंत्रण भेजा जा सकता है. इसके साथ ही राहुल समेत कई दलों के प्रमुखों को बुलावा भेजा जाएगा. सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी को आरएसएस चीफ मोहन भागवत से सवाल पूछने के लिए भी आमंत्रित किया जाएगा. उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले हाल में संघ ने पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भी आमंत्रित किया था. वह नागपुर स्थित संघ के हेडक्‍वार्टर गए थे और भारतीयता के विषय पर अपने विचार भी रखे थे.

mohan bhagwat and Pranab Mukherjee
RSS के हेडक्वार्टर में प्रणब मुखर्जी ने भारतीयता और अनेकता में एकता की संस्कृति पर अपनी बात रखी थी.(फाइल फोटो)

इस संबंध में आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार ने कहा कि मोहन भागवत देश के प्रबुद्ध नागरिकों से ‘भविष्य का भारत-आरएसएस का दृष्टिकोण’ विषय पर 17 से 19 सितंबर तक दिल्ली के विज्ञान भवन में संवाद करेंगे. प्रबुद्ध वर्ग राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर संघ का दृष्टिकोण जानने को उत्सुक हैं. इसलिए समसामयिक मुद्दों पर संघ के विचार मोहन भागवत सबके सामने रखेंगे.

राहुल गांधी के मुस्लिम ब्रदरहुड संबंधी बयान पर कहा कि सारी दुनिया मुस्लिम आतंकवाद, मुस्लिम ब्रदरहुड से कितना पीड़ित है, अगर वह ये समझते तो ये नहीं कहते. वैसे भी वो कहते हैं कि अभी पूरे भारत को नहीं समझा है. ऐसे में जब भारत को नहीं समझा है तो संघ को क्या समझेंगे. संघ को समझने के लिए पहले उनके लिए भारत को समझना जरूरी है.

राहुल गांधी
दरअसल कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने पिछले दिनों अपने यूरोपीय दौरे के दौरान आरएसएस की आलोचना करते हुए इसकी तुलना अरब जगत से ताल्‍लुक रखने वाले मुस्लिम संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड से की. राहुल गांधी ने लंदन में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्ट्रेटजिक स्टडीज (आईआईएसएस) के कार्यक्रम में कहा, “हम एक संगठन से संघर्ष कर रहे हैं, जिसका नाम RSS है जो भारत के मूल स्वरूप (नेचर आफ इंडिया) को बदलना चाहता है. भारत में ऐसा कोई दूसरा संगठन नहीं है जो देश के संस्थानों पर कब्जा जमाना चाहता हो.”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हम जिससे जूझ रहे हैं वह एकदम नया विचार है. यह ऐसा विचार है, जो अरब जगत में मुस्लिम ब्रदरहुड के रूप में पाया जाता है और, यह विचार यह है कि एक खास विचार को हर संस्थान को संचालित करना चाहिए, एक विचार को बाकी सभी विचारों को कुचल देना चाहिए.” राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने के लिए कहा है.