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शिवसेना ने सामना में उठाया राम मंदिर का मुद्दा, लिखा- ‘काम की नहीं है हिंदुत्ववादी सरकार’

नई दिल्ली : देश में इन दिनों राम मंदिर निर्माण को लेकर विवाद तेजी पर है. 2019 लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस, बीजेपी से राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यायदेश लाने की मांग कर रही है. वहीं, शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में इसी मुद्दे पर बीजेपी पर निशाना साधा है.

सामना ने अपने सम्पादकीय में लिखा, ‘हिंदुत्ववादी सरकार के सत्ता में आने के बाद भी राम मंदिर का निर्माण नहीं हो रहा है तो यह सरकार किस काम की है? ऐसा सवाल उठाते हुए शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब इस मुद्दे पर शिवसेना सक्रिय हुई है तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को राम मंदिर के लिए आंदोलन करने की जरूरत महसूस होने लगी है.

शिवसेना के कारण चर्चा में आया मुद्दा-ठाकरे
राम मंदिर के लिए आंदोलन की जरूरत है तो तुम्हारे आशीर्वाद से सत्ता में आई सरकार को तुम नीचे क्यों नहीं खींचते हो? ऐसा सीधा और सटीक सवाल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया है. उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मंत्री, सांसद, विधायक, नेता और जिला पदाधिकारियों की शुक्रवार को शिवसेना भवन में बैठक बुलाई थी. डेढ़ घंटे चली इस बैठक में उद्धव ठाकरे ने विभिन्न विषयों पर उनका मार्गदर्शन किया. बैठक के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की. अयोध्या में राम मंदिर के लिए पुन: आंदोलन किया जाएगा, ऐसा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के भैया जी जोशी ने एक पत्रकार परिषद में कहा है? ऐसा पत्रकारों ने उद्धव ठाकरे से पूछा तो उस पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि शिवसेना के कारण राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है. 25 नवंबर को अयोध्या जाएंगे ठाकरे
25 नवंबर को मैं अयोध्या जाऊंगा. उसके बाद सभी की भाग-दौड़ शुरू हो गई है. उद्धव ठाकरे ने कहा कि अयोध्या दौरे का कार्यक्रम शिवसैनिकों को दे दिया गया है. संघ के परिश्रम के कारण मजबूत संख्याबल वाली सरकार केंद्र में आई है. फिर राम मंदिर के लिए संघ को आंदोलन की जरूरत क्यों पड़ रही है? यह सरकार हिंदुत्ववादी सरकार मानी जाती थी, इसके बाद भी राम मंदिर का निर्माण नहीं हो रहा है तो ये सरकार किस काम की? सत्ता में आने के बाद धारा 370 , समान नागरिक कानून का वचन भूल गए?