बिहार एवं झारखंड

रांची पहुंचे स्वामी अग्निवेश, हमले में शामिल 6 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज

रांची : झारखंड के पाकुड़ में स्वामी अग्निवेश पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. अग्निवेश के साथ हुई मारपीट को लेकर नगर थाना में प्राथमिक दर्ज की गई है. पाकुड़ के एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं. वहीं, दूसरी तरफ अग्निवेश रांची पहुंच चुके हैं. उन्हें राज्य सरकार की तरफ से सुरक्षा मुहैया कराई गई है.

राज्य सरकार ने स्वामी अग्निवेश पर हुए हमले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है. ज्ञात हो कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर स्वामी अग्निवेश के साथ मारपीट का आरोप है. इससे पहले राज्य पुलिस मुख्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पाकुड़ के एसपी से रिपोर्ट मांगी है. राज्य पुलिस प्रवक्ता एडीजी अभियान आरके मल्लिक ने बताया था कि मामले में दोषी लोगों को चिह्नित किया जा रहा है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

इस पूरे मामले पर पाकुड़ के एसपी शैलेन्द्र प्रसाद वर्णवाल का कहना है कि अग्निवेश के कार्यक्रम को लेकर किसी भी तरह की सूचना जिला प्रशासन और जिला पुलिस के पास नहीं थी. साथ ही उन्होंने कहा कि उनके दौरे को लेकर भी कोई जानकारी नहीं दी गई थी. मामले की जांच चल रही है. आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

पहले से हो रहा था विरोध
स्वामी अग्निवेश के पाकु़ड़ दौरे का जिले के विभिन्न संगठन पहले से विरोध कर रहे थे. ये विरोध स्वामी के द्वारा कथित तौर पर सनातन धर्म पर की गई टिप्पणी और बीफ के ऊपर दिए गए बयान को लेकर था.

पहले से मौजूद थे कई संगठन के कार्यकर्ता
स्वामी अग्निवेश का विरोध करने के लिए पाकुड़ बीजेपी कार्यकर्ता, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठन के कार्यकर्ता सुबह से ही स्वामी अग्निवेश के होटल के सामने जमा थे. जैसे ही स्वामी अग्निवेश होटल से बाहर निकले उनपर कार्यकर्ताओं ने हमला बोल दिया.

होटल पहुंची मेडिकल
हमले के बाद तुरंत मेडिकल टीम स्वामी अग्निवेश का इलाज करने के लिए पहुंची. उनका होटल के कमरे में ही इलाज किया गया. स्वामी अग्निवेश फिलहाल बिल्कुल ठीक हैं. स्वामी अग्निवेश ने सरकार से इस मामले की प्रशासनिक और न्यायिक जांच की मांग की है.

पुलिस ने शांत कराया मामला
घटना के तुंरत बाद आनन फानन में पुलिस स्वामी अग्निवेश के होटल पहुंची और कार्यकर्ताओं को समझा बुझाकर मामला शांत कराया.