क्रिकेट

चाचा न लगा सके तो भतीजे ने जड़ा तिहरा शतक, सीनियर टीम में वापसी का दावा किया

वसीम जाफर के भतीजे अरमान जाफर ने कर्नल सीके नायडू (अंडर 23) ट्रॉफी में मुंबई के लिए नाबाद तिहरा शतक  लगाया है.

मुंबई: पंद्रह महीने के बाद क्रिकेट में वापसी करते ही, आरमान जाफर तिहरा शतक लगाकर सुर्खियों में आ गए हैं. अरमान जाफर, टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी और वर्तमान में घरेलू क्रिकेट खेल रहे 40 वर्षीय वसीम जाफर के भतीजे 20 साल के अरमान जाफर ने कर्नल सीके नायडू (अंडर 23) ट्रॉफी में मुंबई के लिए नाबाद तिहरा शतक लगाकर तहलका मचा दिया.

अरमान का तिहरा शतक तब बना जब कुछ दिन पहले ही उनके चाचा ईरानी ट्रॉफी में तिहरा शतक लगाने से चूक गए थे. जाफर ने टीम इंडिया के लिए केवल 31 टेस्ट और दो वनडे खेले हैं, लेकिन उनके नाम घरेलू क्रिकेट, खासकर रणजी ट्रॉफी में कई रिकॉर्ड हैं. वसीम ने रणजी में सबसे ज्यादा 10,738 रन बनाए हैं अब अरमान भी अपने चाचा की राह पर चलते दिख रहे हैं.

मुंबई सीनियर टीम के लिए रणजी खेल चुके हैं अरमान
अरमान ने दो साल पहले बांग्लादेश में हुए अंडर 19 वर्ल्डकप में भाग लिया था. उन्हें मुंबई की सीनियर टीम में भी जगह दी गई जहां साल 2016-17 के लिए वे सबसे युवा खिलाड़ी के तौर पर खेले  अरमान ने उस सत्र में तीन फर्स्ट क्लास मैच खेले 7.33 के औसत और 21 के सर्वोच्च स्कोर से केवल 44 रन बनाए पाए. इसके अलावा  2017 एक टी20 मैच में ही मुंबई की ओर से खेलते हुए महाराष्ट के खिलाफ अरमान ने 16 गेंदों पर तूफानी 27 रनों की पारी खेली थी.

इसके बाद से उनकी मुश्किलों का दौर शुरू हो गया. वे मुंबई की रणजी सीनियर टीम से बाहर कर दिए गए. पिछले साल ही फुटबॉल खेलते हुए उन्हें पैर में चोट लग गई और उनका लिगामेंट टूट गया था जिसकी वजह से उन्हें 14 महीने तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा.

l26 चौके, 10 छक्के लगाए अपनी पारी में
अरनमान ने सीके नायडू ट्रॉफी में वानखेड़े स्टेडियम में सौराष्ट्र के खिलाफ 26 चौके 10 छक्कों की मदद से 367 गेंदों पर नाबाद 300 रनों की पारी खेली. अरमान की पारी की बदौलत मुंबई की टीम ने सौराष्ट्र के पहली पारी के 175 रनों के जवाब में 610 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया. जाफर ने रुध्र धनाजे के साथ तीसरे विकेट के लिए 281 रनों की साझेदारी की. इसके बाद आशे सरदेसाई के साथ 46, कप्तान शम्स मुलानी के साथ 182 रनों की और सिद्धार्थ आकरे के साथ 89 रनों की साझेदारी की.